प्लेटफॉर्म एंट्री बैन, रश मैनेजमेंट और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, यात्रियों की सेफ्टी के लिए रेलवे ने क्या-क्या उठाए कदम?
भारतीय रेलवे देशभर के 60 प्रमुख स्टेशनों पर प्लेटफार्म के ठीक बाहर वेटिंग पैसेंजर के लिए एक निश्चित होल्डिंग क्षेत्र स्थापित करेगा.

Published : February 17, 2025 at 7:15 PM IST
|Updated : February 17, 2025 at 9:06 PM IST
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी स्थित नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई और 15 से अधिक लोग घायल हो गए. इस घटना के दो दिन बाद रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और भीड़ से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं. साथ ही रेलवे स्टेशन पर अत्यधिक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल और कमर्शियल स्टाफ को स्किल प्रदान करने की योजना बना रहा है.
इन उपायों के बारे में जानकारी देते हुए रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ईटीवी भारत को बताया, "भारतीय रेलवे देशभर के 60 प्रमुख स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म के ठीक बाहर एक होल्डिंग एरिया बनाएगा, ताकि इंतजार कर रहे यात्रियों और उनके अटेंडेंट को सुरक्षित रखा जा सके."
रेलवे ने इस त्रासदी के बाद एक हफ्ते के लिए प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री शाम 4 बजे से रात 11 बजे तक सीमित करने का फैसला किया है. गौरतलब है कि घटना वाले दिन करीब 2600 से अधिक यात्रियों ने नई दिल्ली स्टेशन पर शाम 6 से रात 8 बजे के बीच टिकट बुक किए थे.
प्लेटफॉर्म एंट्री पर बैन
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा अगर रेलवे को अतिरिक्त भीड़ की स्थिति का पता चलता है तो वह प्लेटफॉर्म पर एंट्री बैन कर देगा और यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर जाने की अनुमति देने से पहले यात्रा टिकटों की सख्ती से जांच की जाएगी.
स्मूथ रश मैनेजमेंट
रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर स्मूथ रश मैनेजमेंट को सुचारू बनाने के लिए इन कदमों को अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी लागू करने की योजना बना रहा है. प्रशासन स्टेशनों पर सीढ़ियों, फुटओवर ब्रिज, गैलरी और प्लेटफॉर्म सहित संवेदनशील स्थानों की पहचान कर रहा है, ताकि इन क्षेत्रों में भीड़भाड़ की स्थिति से बचने के लिए निगरानी रखने के लिए रेलवे कर्मचारियों को तैनात किया जा सके.
टिकट काउंटर होंगे शिफ्ट
वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि एक बड़े फैसले में रेलवे ने टिकट खरीदने के लिए यात्रियों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अपने टिकट काउंटरों को स्टेशन की तरफ से बाहर शिफ्ट करने का भी फैसला किया है.
प्लेटफॉर्म नंबर 16 से चलाई जाएंगी प्रयागराज की ट्रेनें
इसके अलावा रेलवे ने आने वाले दिनों में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अन्य उपाय भी लागू किए हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "यह निर्णय लिया गया है कि प्रयागराज की ओर जाने वाली सभी विशेष ट्रेनें यथासंभव प्लेटफॉर्म नंबर 16 से चलाई जाएंगी. इसलिए प्रयागराज जाने वाले सभी यात्री नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के अजमेरी गेट की तरफ से आएंगे और जाएंगे. नियमित ट्रेनों का संचालन सभी प्लेटफॉर्म से होता रहेगा. यह पीक ऑवर में एक प्लेटफॉर्म पर भीड़ जमा होने से बचने की दिशा में एक कदम है."
सुरक्षा कर्मियों की तैनाती
कुछ अधिकारियों के अनुसार घटना के बाद रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए आरपीएफ, सीआरपीएफ, आरएएफ और जीआरपी की तैनाती बढ़ा दी गई है. रेलवे अधिकारियों ने कहा, "ये कर्मी यात्रियों की सहायता कर रहे हैं और उन्हें उस प्लेटफॉर्म की ओर ले जा रहे हैं, जहां से उनकी ट्रेन रवाना होने वाली है."
इस बीच रेलवे ने दुखद घटना की जांच के लिए दो सदस्यों की उच्च स्तरीय समिति गठित की है. समिति में पंकज गंगवार (प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त) और नर सिंह (प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक) शामिल हैं.
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