दिल्ली सरकार हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत 15 आईटीआई को करेगी अपग्रेड
यह पहल भारत सरकार की 60 हज़ार करोड़ रुपए की राष्ट्रीय आईटीआई अपग्रेडेशन योजना से जुड़ी है.

Published : August 28, 2025 at 6:36 PM IST
|Updated : August 28, 2025 at 6:42 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने आज 170 करोड़ रुपये की एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की, जिसके तहत 15 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को अत्याधुनिक तकनीक से लैस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बदला जाएगा. यह पहल भारत सरकार की 60 हज़ार करोड़ रुपए की राष्ट्रीय आईटीआई अपग्रेडेशन योजना से जुड़ी है. यह घोषणा मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा आयोजित राज्यों के कौशल मंत्रियों के क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान की है.
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली के अपग्रेडेड आईटीआई युवाओं को 21वीं सदी की क्षमताओं से लैस करेंगे, ताकि वे केवल नौकरी खोजने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनें. वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर को ‘सेम-डे अप्रूवल’ और डिजिटल ट्रांसपेरेंसी के साथ जोड़ रहे हैं.
आज चंडीगढ़ में आयोजित Regional Conference of Skill Ministers में शामिल हुआ।
— Manjinder Singh Sirsa (@mssirsa) August 28, 2025
केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं शिक्षा मंत्रालय के राज्य मंत्री, माननीय श्री @jayantrld जी की अध्यक्षता में हुए इस सम्मेलन में यशश्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi… pic.twitter.com/s8oitRxSIH
सिरसा ने बताया कि डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेनिंग एंड टेक्निकल एजुकेशन (DTTE), जिसकी जिम्मेदारी मंत्री उच्च शिक्षा, प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा, आशीष सूद संभाल रहे हैं, को इस योजना का नोडल एजेंसी बनाया गया है. उन्होंने यह भी कहा, पिछली सरकारों ने जानबूझकर केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं को रोका, जिसके कारण दिल्ली की जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर किया और मोदी मॉडल ऑफ गवर्नेंस पर भरोसा जताया. उन्होंने कहा, “ईवी, एआई, रोबोटिक्स और ग्रीन एनर्जी मॉड्यूल्स को आईटीआई के पाठ्यक्रम में शामिल करके युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं.''
दिल्ली का मॉडल करियर सेंटर (पूसा) पहले ही सात हज़ार से अधिक युवाओं का पंजीकरण कर चुका है, जिनमें से 2,122 को पीवीआर, जेबीएम, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, लेमन ट्री होटल्स और एलएंडटी कंस्ट्रक्शन जैसी ख्याति प्राप्त कंपनियों में नौकरी मिल चुकी है.
सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए सिरसा ने कहा “दिल्ली का स्किल रोडमैप 2.0 एक ओपन-सोर्स ब्लूप्रिंट है. जिससे युवाओं को सशक्त बनाया सकता है. स्कूल पाठ्यक्रम में स्किल क्रेडिट जोड़ने से लेकर हर हब आईटीआई में इनक्यूबेशन और सीड-फंड सेल स्थापित करने तक दिल्ली यह दिखा रही है कि स्किल डेवलपमेंट वास्तव में विकसित भारत @2047 का टर्बो-चार्जर है.”
हब-एंड-स्पोक आर्किटेक्चर के तहत क्या होगा:
- आईटीआई पूसा (सेंट्रल दिल्ली), आईटीआई शाहदरा (ईस्ट दिल्ली) और आईटीआई मंगोलपुरी (नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली) हब संस्थान के रूप में कार्य करेंगे और प्रत्येक चार संस्था तक स्पोक आईटीआई को इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी विकास और इंडस्ट्री लिंक से मार्गदर्शन देंगे.
- स्पेशल पर्पज व्हीकल्स में केंद्र, दिल्ली सरकार और इंडस्ट्री पार्टनर्स का योगदान होगा और फंड रिलीज पारदर्शी व माइलस्टोन आधारित होगी.
- स्मार्ट क्लासरूम, सिमुलेशन लैब और ब्लेंडेड-लर्निंग कंटेंट को लागू किया जाएगा, साथ ही अनिवार्य इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप-इनेबल्ड डिप्लोमा भी होंगे.
- आईटीआई ट्रांसफॉर्मेशन के साथ-साथ दिल्ली सरकार धीरपुर, मयूर विहार और पूसा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का एक इकोसिस्टम बना रही है, जहाँ छात्रों को इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और एडवांस्ड वेल्डिंग में प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
- पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 1,300 से अधिक कारीगर पहले ही प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, जबकि जहांगीरपुरी के जन शिक्षण संस्थान जैसे कार्यक्रमों से 1,000 से अधिक महिलाओं को उनके दरवाजे पर ही प्रशिक्षण मिला है.
भविष्य की रूपरेखा:
- दिल्ली सरकार जल्द ही शुरू करेगी डीएसईयू और डीटीयू में अप्रेंटिसशिप-बेस्ड डिग्री प्रोग्राम.
- महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए ₹1,000 अतिरिक्त स्टाइपेंड के साथ तिमाही अप्रेंटिसशिप मेला.
- टीकोस-जेसएस फ्यूजन मॉडल के तहत सोलर पैनल और वीआर वेल्डिंग सिम्युलेटर से लैस मोबाइल स्किलिंग वैन.
- हर हब आईटीआई में उद्यमिता और नवाचार सेल, जिन्हें मुद्रा, पीएमईजीपी और सिडबी से जोड़ा जाएगा, ताकि “अप्रेंटिस-टू-एंटरप्रेन्योर” की यात्रा को बढ़ावा मिल सके.
ये भी पढ़ें:

