दिल्ली का मुख्यमंत्री तय करेगा बिहार! जाट या SC फैक्टर से निकलेगा नया कैरेक्टर
दिल्ली चुनाव 2025 के नतीजों के बाद कौन बनेगा मुख्यमंत्री? जवाब बिहार विधानसभा चुनाव में कैसे छुपा है? प्रवेश वर्मा का जाट फैक्टर और अरविंद केजरीवाल को नई दिल्ली सीट से हराना CM की रेस में आगे कर रहा है.

By Madhya Pradesh Live News Desk
Published : February 8, 2025 at 12:53 PM IST
|Updated : February 8, 2025 at 5:44 PM IST
नई दिल्ली (विकास कौशिक): देश में हुए हालिया चुनावों में बीजेपी मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों के नामों का खुलासा करने से गुरेज करती रही है. चाहे वो मध्य प्रदेश का चुनाव हो, छत्तीसगढ़. ओडिशा, हरियाणा या फिर महाराष्ट्र. चुनाव पूर्व किसी भी नाम को पार्टी ने प्रचार के दौरान प्रोजेक्ट नहीं किया. इसके पीछे कई बड़ी वजह हैं. सबसे बड़ी वजहों में से एक है पार्टी आलाकमान का सर्प्राइज देने का ट्रेन्ड.
मध्य प्रदेश में चुनावी कमान शिवराज सिंह चौहान ने सम्भाली लेकिन नतीजों के बाद पार्टी ने मोहन यादव के नाम पर मुहर लगाया. ऐसे ही छत्तीसगढ़ के सबसे कद्दावर नेता डॉक्टर रमण सिंह की जगह विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री बने. चुनावी नतीजों के बाद ही महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री के नाम का फैसला हुआ. इसी परिपाटी पर फैसले हरियाणा और ओडिशा में भी हुए.
दिल्ली चुनाव प्रचार में क्यों किसी के नाम पर नहीं लगी मुहर?
दिल्ली की बात करें तो चुनाव पूर्व यहां भी किसी एक नाम को प्रोजेक्ट नहीं किया गया. कई नेताओं के नाम अब नतीजों के आने के बाद सामने आ रहे हैं. सीएम पोस्ट के लिए 5 नेताओं के नामों पर जमकर कयासबाजी शुरु हो गई है. मगर देखने लायक होगा कि आखिर में आलाकमान किसके नाम पर राजी होगा.
#WATCH | Celebration erupts outside BJP's office in Delhi as Election Commission trends of #DelhiElectionResults show the party's return to the national capital with a two-third majority pic.twitter.com/6pasiDy2Ui
— ANI (@ANI) February 8, 2025
बीजेपी क्यों नहीं करती चुनावों में मुख्यमंत्री का ऐलान?
राजनीतिक विश्लेषक सुरेंद्र अग्रवाल कहते हैं, "बीजेपी गुटबाजी से बचने के लिए इस फार्मुले पर काम कर रही है. अंदरूनी कलह के दुष्प्रभाव से वो बचना चाहती है. लोकसभा चुनाव के बाद दबाव में आई बीजेपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली विधानसभा के चुनाव थे. इनमें भी सबसे ज्यादा फोकस महाराष्ट्र पर था. पहले हरियाणा और महाराष्ट्र में सारे अनुमानों को धता बताकर बीजेपी ने जीत हासिल की. इससे बीजेपी उत्साहित हो गई और अब दिल्ली में फतह करने के बाद स्वाभाविक है कि अब बीजेपी का सारा फोकस बिहार पर होगा."
बिहार विधानसभा चुनाव सेंटर में रख दिल्ली के सीएम के नाम पर लगेगी मुहर?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जिस तरह देश के बजट में बिहार का खास ख्याल रखा और जमकर तरजीह दी उसे देखते हुए माना जा रहा है कि दिल्ली के सीएम बनने में बिहार डिसाइडिंग फैक्टर होगा. दिल्ली चुवान में बीजेपी ने सबसे ज्यादा SC कैंडिडेट उतार पहले ही संकेत दे दिए थे कि जो भी सीएम होगा उसमें दलित या महादलित फैक्टर वर्क करेगा. इस फैसले का असर साल के दूसरे छमाही में होने वाला बिहार विधानसभा चुनाव होगा.
#DelhiElections2025 | BJP worker Puneet Vohra gets emotional during celebrations as the official trends indicate BJP coming back to power in the National Capital pic.twitter.com/KzcxXaHQSY
— ANI (@ANI) February 8, 2025
मध्य प्रदेश में भोपाल के वरिष्ठ राजनीतिक विष्लेषक योगी योगीराज कहते हैं, "दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत के बाद बीजेपी अब सारा जोर बिहार पर लगाएगी. क्योंकि यहां 6 माह के अंदर चुनाव हैं. बिहार में बीजेपी अपने दम पर सरकार बनाने की रणनीति पर तेजी से बढ़ेगी. आम बजट में बिहार को दी गईं बंपर सौगातें इस रणनीति का पहला हिस्सा है. इन बंपर सौगातों को बिहार में बीजेपी निश्चित रूप से भुनाएगी. लोकसभा चुनाव के बाद बीजेपी लगातार विधानसभा चुनावों में फतह हासिल करने वाले सारे फॉर्मूले बिहार में आजमाएगी. यहां भी दलित-ओबीसी गठजोड़ पर बीजेपी काम शुरू कर भी चुकी है. ये भी तय है कि बीजेपी बिहार में भी सीएम फेस प्रोजेक्ट नहीं करेगी. हालांकि बिहार में नीतीश कुमार को बीजेपी कैसे ओवरलेप करेगी, ये देखने वाली बात होगी"
देश की राजनीतिक पर निगाह रखने वाले भोपाल के वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेष्क सुरेंद्र अग्रवाल कहते हैं, "जैसा कि अमित शाह कह भी चुके हैं कि बिहार में बीजेपी अपने दम पर सरकार बनाएगी. इसलिए बीजेपी का अब अगला टारगेट बिहार ही है. लोकसभा चुनाव में झटका खाने के बाद बीजेपी ने एक बार फिर ओबीसी व दलितों का गठजोड़ बनाकर पहले की भांति चुनाव जीतना शुरू कर दिया है. बिहार में भी यही देखने को मिलेगा. जहां तक सीएम फेस प्रोजेक्ट नहीं करने की बात है तो एक-डेढ़ साल के अंदर बीजेपी ने इसी लाइन पर चलकर अप्रत्याशित सफलता हासिल की है. वैसे भी मोदी व शाह की जोड़ी चौंकाने वाले नाम सामने लाती है. दिल्ली में मुख्यमंत्री पद पर कोई नया और चौंकाने वाला चेहरा ही सामने आएगा."
चर्चित चेहरों को बीजेपी ने मुख्यमंत्री बनाने से किया गुरेज
देश में बीजेपी चौंकाने वाले फैसलों के लिए जानी जाती है. हालिया सालों में ढेरों प्रयोग पार्टी कई राज्यों में कर चुकी है. मुख्यमंत्री के रुप में यूं तो दिल्ली की पसंद सालों से अरविंद केजरीवाल रहे हैं. मगर अबकी बारी बीजेपी की है. ईटीवी के सूत्रों की मानें तो दावेदारों में लिस्ट में बीजेपी नेता मनोज तिवारी, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, मनजिंदर सिंह सिरसा, कैलाश गहलोत के साथ ही आशीष सूद टॉप ट्रेंड पर हैं.
महिला सीएम के नाम पर कयास
बांसुरी स्वराज बनेंगी दिल्ली की सीएम: आतिषी के मुख्यमंत्री बनने और शीला दीक्षित की लेगसी को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी महिला सीएम के नाम पर भी विचार कर सकती है. इस दौड़ में राज्य की पूर्व सीएम और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बेटी बांसूरी स्वराज के नाम पर मुहर लग सकती है.
कौन कौन से टॉप नेता हैं दिल्ली सीएम की रेस में और उनका प्रोफाइल
प्रवेश वर्मा की दावेदारी पुख्ता पर राह में हैं मनोज तिवारी? नई दिल्ली सीट पर प्रवेश वर्मा अरविंद केजरीवाल को हरा सबसे बड़ा मैदान मार चुके हैं. बीजेपी की राह का सबसे बड़ा कांटा प्रवेश वर्मा ने साफ कर दिया है. ऐसे में वो सबसे प्रबल दावेदार हैं दिल्ली के मुख्यमंत्री पद के. जाट वर्ग से आना भी उनकी उम्मीदवारी में एडेड एडवांटेज है. ऐसे में उनकी जीत ही सीएम पद तक पहुंचा सकती थी जिसे वो हासिल कर चुके हैं. देश के बड़े नेता को उसी के गढ़ में प्रवेश ने हराया है. उन्हे पार्टी नेतृत्व इनाम देगा. वहीं मनोज तिवारी बिहार, भोजपुरी भाषी और पूर्वांचली प्रभाव वाले नेता के रुप में चर्चित हैं. लगातार दिल्ली में सक्रिय रहे लिहाजा उनका पलड़ा भी भारी है.
#WATCH नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी प्रवेश वर्मा की बेटियों त्रिशा और सानिधि ने कहा, " हम नई दिल्ली के लोगों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देते हैं। हमें स्पष्ट बहुमत से जीत मिली है... हमें पता था कि स्पष्ट जीत मिलेगी, सही समय का इंतजार था। दिल्ली वाले समझ गए कौन… pic.twitter.com/1ZDjCsPain
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 8, 2025
कैलाश गहलोत: AAP छोड़ भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन करने वाले कैलाश दिल्ली में काफी सक्रीय रहे और उन्हे सरकार में रहने का भी खासा अनुभव है.
वीरेंद्र सचदेवा: दिल्ली बीजेपी चीफ का नाम सीएम पद की दौड़ में है. इनकी लीडरशिप में ही दिल्ली में चुनाव लड़ा गया है. बीजेपी इन्हे तोहफे से नवाज सकती है.
मनजिंदर सिंह सिरसा: मनजिंदर सिंह सिरसा राजौरी गार्डन से आते हैं. पंजाब तक इनकी हनक है और बीजेपी इनके जरिए पंजाब में सेंधमारी के प्लान पर आगे बढ़ सकती है. इसके लिए इन्हे सीएम नहीं तो किसी बड़े पद से नवाज सकती है.

