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फिर चूके झारखंड के मंत्री महोदयः महबूबा को बताया सीएम, पहलगाम मृतकों की संख्या भी भूले!

झारखंड में इस मंत्री के अनोखे बयान का सिलसिला अब तक जारी है. इस बार तो इन्होंने हद ही कर दी.

controversial statement by Jharkhand minister Sudivya Kumar Sonu
मंत्री सुदिव्य कुमार (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : April 25, 2025 at 6:05 PM IST

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रांचीः पहलगाम आतंकी हमले की घटना के बाद से पूरे देश में आक्रोश है. पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध की मांग हो रही है. पीएम भी बिहार के मधुबनी में कह चुके हैं कि कल्पना से भी बड़ी सजा देंगे. इस बीच झामुमो कोटे के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के एक बयान से नया विवाद खड़ा हो गया है. उन्होंने पहलगाम घटना के लिए हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू को जिम्मेदार ठहरा कर इस्तीफे की मांग कर दी है. जब सवाल उठे तो सफाई में कहा कि उन्होंने तो कटाक्ष के तौर पर ऐसी बात की थी. लेकिन सफाई देते-देते और विपक्ष के ज्ञान पर सवाल उठाते-उठाते खुद भूल गये कि जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री कौन हैं.

सीएम महबूबा को कैसे ठहरा सकते जिम्मेवार- मंत्री सुदिव्य

झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने हिमाचल के सीएम से इस्तीफा वाले बयान का मतलब समझाने के लिए प्रेस कांफ्रेस बुलाया. साथ ही नौतिकता की दुहाई देते हुए जिक्र किया कि कैसे रेल हादसा होने पर लाल बहादुर शास्त्री और नीतीश कुमार ने रेलमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने यह भी कहा कि 2008 में मुंबई अटैक होने पर शिवराज पाटिल ने गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था. लेकिन इस मामले में असली सवाल कोई उठा ही नहीं रहा है. लिहाजा, उन्हें जानबूझकर कहना पड़ा कि हिमाचल के सीएम को इस्तीफा दे देना चाहिए. फिर उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश है. वहां की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी केंद्र सरकार के हाथों में हैं. लिहाजा, पहलगाम जैसी घटना पर वहां की सीएम महबूबा मुफ्ती को जिम्मेवार कैसे ठहराया जा सकता है. जबकि सच तो ये है कि जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला है ना कि महबूबा मुफ्ती.

मंत्री सुदिव्य कुमार (ईटीवी भारत)

बीजेपी नेता रवींद्र राय को पढ़ा रहे थे भूगोल का पाठ

मंत्री सुदिव्य सोनू के इस कथन की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि प्रेस कांफ्रेस के दौरान उन्होंने ज्ञान की बात करते हुए भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष रवींद्र राय के एक कथन का जिक्र किया था. उन्होंने कहा था कि रवींद्र राय के मुताबिक झारखंड की सीमा अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगी हुई है. उनको सुझाव दिया कि भूगोल का अध्ययन करा देना चाहिए था. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब पत्रकार नेताओं का काम करने लगें तब नेताओं को पत्रकार का काम करना चाहिए. क्योंकि पत्रकारों ने जवाबदेही का सवाल नहीं पूछा.

जब ज्ञान की बात छिड़ गई है तो यह बताना जरुरी हो जाता है कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार पहलगाम हमले में 28 नहीं, बल्कि 26 लोगों की मौत हुई है. इनमें 25 पर्यटक और आदिल हुसैन नाम के घोड़ेवाले समेत कुल 26 लोगों की जान गई है. जबकि मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने अपने प्रेस कांफ्रेंस में कई बार कहा कि पहलगाम में 28 निर्दोष लोगों की हत्या हुई है. लिहाजा, झारखंड की जनता को तय करना है कि उनके कौन से नेता कितने ज्ञानी हैं. अब देखना है कि इस बयान पर मंत्री सुदिव्य क्या सफाई देते हैं.

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