'श्रीनगर-जम्मू एनएच का प्रबंधन नहीं कर सकते तो हमें सौंप दें', उमर अब्दुल्ला ने केंद्र से कहा
श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद रहने को लेकर सीएम उमर अब्दुल्ला ने केंद्र पर निशाना साधा है.

Published : September 15, 2025 at 5:35 PM IST
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि अगर केंद्र सरकार श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग को फिर से खोलने में असमर्थ है तो उसे इस राष्ट्रीय राजमार्ग का नियंत्रण निर्वाचित सरकार को सौंप देना चाहिए क्योंकि लंबे समय तक बंद रहने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं.
उमर ने श्रीनगर में पत्रकारों से कहा, "हाईवे बंद होने से ट्रक चालक काफी परेशान हैं, और व्यापारी समूह परेशान हैं.अगर हाईवे मेरे अधीन होता, तो मैं इसे अब तक खोल चुका होता. यह राजमार्ग भारत सरकार के अधीन है. अगर वे इसका प्रबंधन नहीं कर सकते, तो इसे हमें सौंप दें."
#WATCH | Srinagar | On SC's order in the Waqf Amendment Act, Jammu & Kashmir CM Omar Abdullah says, " we have been saying that people of one religion are being targeted through this bill. it is good that the supreme court has also understood this. it will be good if other… pic.twitter.com/T6uVDXYagh
— ANI (@ANI) September 15, 2025
250 किलोमीटर लंबा यह राजमार्ग, जो घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है, भूस्खलन और खराब रखरखाव के कारण बार-बार बंद हो रहा है, जिससे फलों की खेप और आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही बाधित हो रही है.
उमर ने कहा कि इस स्थिति के कारण क्षेत्र के कुछ व्यापार संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है तथा उनके इस्तीफे की मांग की है.
पिछले महीने से राजमार्ग बंद है, जिसकी वजह से सामान और आवश्यक वस्तुओं से लदे सैकड़ों ट्रक फंसे हुए हैं. इसके परिणामस्वरूप पेट्रोल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में कमी आई है.
अब्दुल्ला ने कहा, "उनकी सरकार ने धैर्य रखा है, लेकिन चेतावनी दी कि यह स्थिति अब और नहीं चल सकती. उन्होंने कहा कि, मैं इंजीनियरों की एक टीम भेजकर उन्हें वहां तैनात करूंगा. हमारे लिए, अब बहुत हो गया. क्योंकि रोज़ाना वे हमसे कहते थे, आज होगा, आज होगा, आज होगा. लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है."
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह केंद्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से बात कर सड़क को तुरंत बहाल करने और ट्रकों की आवाजाही के लिए पुनः खोलने के लिए दबाव डालेंगे.
उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से सड़क परिवहन पर दबाव कम करने के लिए नव-उद्घाटित मालगाड़ी सेवा को नियमित परिचालन में बदलने का भी आग्रह किया. उन्होंने कहा, "अभी यह एक ट्रेन है, आज इसका औपचारिक उद्घाटन हुआ." उमर ने कहा, "हम आभारी हैं. लेकिन जब तक राजमार्ग पूरी तरह से स्थिर नहीं हो जाता, इसे बार-बार चलाते रहें."
वक्फ विधेयक पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का स्वागत किया
अब्दुल्ला ने वक्फ विधेयक पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का भी स्वागत किया और एलजी मनोज सिन्हा के नेतृत्व वाले जम्मू-कश्मीर प्रशासन से सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (PSA) के एक मामले को वापस लेने का आग्रह किया, जिस पर एक अदालत ने सवाल उठाया था.
उन्होंने कहा कि पीएसए के तहत हिरासत अत्यधिक प्रतीत होती है, और कहा, "चुपचाप, मौन तरीके से, प्रशासन को अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए और उसे जाने देना चाहिए."
वक्फ विधेयक पर उन्होंने कहा कि इसमें सिर्फ़ एक समुदाय की संस्थाओं को ग़लत तरीक़े से निशाना बनाया गया है. उमर ने कहा, "यह अच्छी बात है कि सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे समझा है."
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