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संकल्प के साथ साइकिल यात्रा: 12 हजार किमी का सफर, अब तक 11 ज्योतिर्लिंग और तीन धाम के दर्शन

काशी से 12 हजार किलोमीटर की साइकिल यात्रा का लक्ष्य लेकर निकले अजय पटेल,अब तक 11 ज्योतिर्लिंग और तीन धाम के दर्शन पूरे.

12 हजार किमी की कठिन यात्रा जारी
12 हजार किमी की कठिन यात्रा जारी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : September 17, 2025 at 12:25 PM IST

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Updated : September 17, 2025 at 3:00 PM IST

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नई दिल्ली: काशी विश्वनाथ की धरती से एक बड़े लक्ष्य को लेकर निकले अजय कुमार पटेल ने अपनी श्रद्धा, धैर्य और संकल्प का अद्भुत उदाहरण पेश किया है. अजय ने साइकिल के सहारे अब तक 11 ज्योतिर्लिंग और तीन धाम के दर्शन कर लिए हैं इस दौरान उन्होंने लगभग 11,000 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर भक्ति और पर्यावरण का संदेश दिया है. वर्तमान में वह दिल्ली से केदारनाथ की ओर रवाना हुए हैं.

यात्रा का उद्देश्य सनातन संस्कृति के प्रति श्रद्धा को बढ़ावा देना: अजय पटेल का कहना है कि इस यात्रा का उद्देश्य सिर्फ व्यक्तिगत भक्ति नहीं, बल्कि लोगों के बीच जागरूकता और सनातन संस्कृति के प्रति श्रद्धा को बढ़ावा देना है. उन्होंने बताया कि साइकिल यात्रा के दौरान उन्हें नए लोगों से मिलने और उनके अनुभव साझा करने का अवसर मिला.

अजय ने अब तक 11 ज्योतिर्लिंग और तीन धाम के दर्शन (ETV Bharat)

अजय ने यात्रा के दौरान अच्छे लोगों से मुलाकात की बात की साझा : अजय ने मुस्कुराते हुए कहा कि इस दौरान जब उन्होंने एक बार अपनी साइकिल रिपेयर करवाई और दुकानदार को पता चला कि मैं पूरे भारत में ज्योतिर्लिंग और धाम यात्रा कर रहा हूं, तो उसने 2000 रुपये का खर्चा भी माफ कर दिया. यही भारतीय संस्कृति की खूबसूरती है कि लोग मदद करने में पीछे नहीं रहते.

अजय ने यात्रा के दौरान अच्छे लोगों से मुलाकात की बात की साझा
अजय ने यात्रा के दौरान अच्छे लोगों से मुलाकात की बात की साझा (ETV Bharat)

यात्रा के दौरान अजय को आयी काफी परेशानियां : हालांकि यात्रा सरल नहीं रही अजय ने बताया कि सबसे बड़ी कठिनाई दक्षिण भारत के क्षेत्रों में सोने की जगह ढूंढने को लेकर आयी.वहां मंदिरों में भी रात में रुकने की अनुमति नहीं मिलती थी इसलिए कई बार मुझे बस स्टैंड या खुले स्थान पर सोना पड़ा. फिर भी हर राज्य में उन्हें लोगों का सहयोग मिला कहीं खाने-पीने के तौर तो कहीं चढ़ावे के लिए चंदा भी लोगों ने दिया.

साइकिल यात्रा के जरिए संकल्प, 12 हजार किमी की कठिन यात्रा जारी
साइकिल यात्रा के जरिए संकल्प, 12 हजार किमी की कठिन यात्रा जारी (ETV Bharat)

भोलेनाथ की कृपा और मित्रों के सहयोग को बताया ऊर्जा स्रोत : अजय ने साफ कहा कि उनकी इस यात्रा के पीछे मिलने वाली ऊर्जा की वजह उनकी मित्र तनुश्री के लिए मन्नत और भोलेनाथ की कृपा भी है. उन्होंने कहा कि इस पीढ़ी को सनातन धर्म के प्रति और अधिक जुड़ने की आवश्यकता है. आज के युवाओं को संतो की वाणी सुननी चाहिए, जिससे वे अपने जीवन में बदलाव ला सकें. मेरे बड़े भाई ने भी उनकी प्रेरणा से अपना जीवन बदल लिया है.

यात्रा का उद्देश्य सनातन संस्कृति के प्रति श्रद्धा को बढ़ावा देना
यात्रा का उद्देश्य सनातन संस्कृति के प्रति श्रद्धा को बढ़ावा देना (ETV Bharat)

यात्रा के जरिए प्लास्टिक का उपयोग ना करने की अपील : अपनी साइकिल पर अजय ने पर्यावरण का संदेश भी लिखा है जिसमें अपील की गई है कि प्लास्टिक का उपयोग न करें, जीवन और धरती को बचाएं. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह यात्रा वे नंगे पांव पूरी करेंगे. अजय ने बताया कि इस यात्रा में कई बार कभी टूटी सड़कों से जूझना पड़ा, तो कभी तेज बारिश का सामना करना पड़ा.

भोलेनाथ की कृपा और मित्रों के सहयोग को बताया ऊर्जा स्रोत
भोलेनाथ की कृपा और मित्रों के सहयोग को बताया ऊर्जा स्रोत (ETV Bharat)

एक साइकिल यात्रा से कई तरह के संदेश की कोशिश : अजय की यह साइकिल यात्रा न सिर्फ भक्ति का प्रतीक है, बल्कि भारत की साझा संस्कृति, आपसी सहयोग और पर्यावरण चेतना का भी सशक्त संदेश देती है. यात्रा की शुरुआत में घर की ओर से भी समर्थन मिला अजय का कहना है कि मां ने घर से निकलते वक्त यह कहा कि कभी किसी चीज की जरूरत पड़े तो एक कॉल कर देना. मां के ये शब्द अजय को पूरी यात्रा में मानसिक सुकून दे रहे हैं.

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Last Updated : September 17, 2025 at 3:00 PM IST