गुजरात का व्यापारी बना डिजिटल अरेस्ट का शिकार, 57.50 लाख रुपये गंवाए
एक व्यापारी को डिजिटल अरेस्ट करने के बाद फर्जी एफआईआर व गिरफ्तारी का डर दिखाकर 57.50 लाख रुपये वसूल लिए गए.

Published : September 20, 2025 at 6:01 PM IST
अहमदाबाद: गुजरात समेत देशभर में साइबर अपराध के मामले में बढ़ोतरी हुई है. वहीं गुजरात से एक और मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यापारी को मुंबई पुलिस और सुप्रीम कोर्ट के नाम पर धमकाकर 57.50 लाख रुपये की ठगी की गई. तपन रमेश चंद्र शाह नाम के एक व्यापारी ने इस मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है.
अहमदाबाद के एलिसब्रिज इलाके में वित्तीय सलाहकार के रूप में काम करने वाले तपन शाह को 19 अगस्त, 2025 को एक अनजान नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने अपना नाम राजेश चौधरी बताया और कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल करके मुंबई में एक मोबाइल फोन खरीदा गया है. वेरिफाई के लिए, उसने व्हाट्सएप पर तपन शाह से उनका आधार कार्ड मांगा.
फर्जी एफआईआर व सुप्रीम कोर्ट का गिरफ्तारी नोटिस भेजा
बाद में, उसी नंबर से एक वीडियो कॉल आया और कॉल करने वाले ने खुद को 'मुंबई पुलिस मुख्यालय' का संदीप रॉय बताया. उन्होंने तपन शाह को बताया कि उनके खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की गई है और उन्हें मुंबई क्राइम ब्रांच की फर्जी एफआईआर और सुप्रीम कोर्ट के गिरफ्तारी नोटिस की पीडीएफ फाइलें भी भेजीं.
आरोपियों ने तपन शाह को डराया कि उनके नाम से मुंबई में एक फर्जी बैंक खाता खोला गया है, जिसमें 2.50 करोड़ रुपये का अवैध लेनदेन हुआ है. उन्होंने शाह से इस पैसे की पुष्टि के लिए उनके अपने बैंक खाते से अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करने को कहा और धमकी दी कि अगर उन्होंने सहयोग नहीं किया, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा. इससे डरकर तपन शाह ने अपने आईसीआईसीआई बैंक खाते व तीन अलग-अलग बैंक खातों में कुल 57,50,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए.
धोखेबाजों ने लाखों रुपये ठगे
- 19 अगस्त, 2025: केनरा बैंक खाते में 5,00,000 रुपये.
- 22 अगस्त, 2025: बैंक ऑफ बड़ौदा खाते में 35,00,000 रुपये.
- 28 अगस्त, 2025: रु. इंडसइंड बैंक खाते में 17,50,000 रुपये जमा हो गए.
शिकायत और पुलिस कार्रवाई
जब तपन शाह ने अपनी पत्नी को पूरी घटना बताई, तो उन्होंने तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई और धोखेबाज का नंबर ब्लॉक कर दिया. हालांकि, आरोपी दूसरे नंबरों से भी कॉल करता रहा. इस मामले में, साइबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और आईटी अधिनियम की धारा 338, 336(3), 340(2), 318(4), 319(2), 204, 3(5) और 66(सी), 66(डी) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच कर रही है.
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