मिथिलाक्षर जागरूकता अभियान: लुप्त होती मिथिला की पौराणिक लिपि को बचाने की हो रही कोशिश
रांची में मिथिलाक्षर जागरूकता अभियान से जुड़े लोग एकजुट हुए. जहां मैथिली पत्र-पत्रिका की चुनौती को लेकर चर्चा हुई.
Published : December 27, 2025 at 10:02 AM IST
रांची:लुप्त होती मिथिला की पौराणिक लिपि को इन दिनों मिथिलाक्षर जागरूकता अभियान के जरिए बचाने की कोशिश की जा रही है. इसी के तहत इस अभियान से जुड़े लोग राजधानी रांची के हरमू स्थित विद्यापति दलान में एकजुट हुए. इस मौके पर मैथिली भाषा की राष्ट्रीय दैनिक मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश के प्रकाशन की पांचवीं वर्षगांठ का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं महाकवि विद्यापति के चित्र पर माल्यार्पण के उपरांत 'जय-जय भैरवि असुर भयाउनी' भगवती वंदना के साथ हुआ.
इस दौरान पटना, दरभंगा, मधुबनी, नासिक आदि स्थानों से आए अभियानियों एवं मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश फोरम के पदाधिकारी तथा रांची में रहने वाले अभियानियों एवं झारखंड मैथिली मंच के पदाधिकारियों का पारस्परिक परिचय हुआ. इस अवसर पर नासिक से आए फोरम एवं मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश समाचार पत्र तथा मिथिलाक्षर साक्षरता अभियान के संस्थापक पंडित अजय नाथ झा शास्त्री ने अपने उद्घाटन संबोधन में मिथिलाक्षर साक्षरता अभियान, मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश त्रैमासिक पत्रिका और मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश दैनिक के प्रकाशन तक की अनेक वर्षों की संघर्ष यात्रा का सविस्तार से बताया.
मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश फोरम की स्थापना तथा इसके 13 प्रकल्पों के माध्यम से मिथिला और मैथिली भाषा तथा मिथिलाक्षर के उत्थान हेतु चलाए जा रहे जागरूकता शिक्षण-प्रशिक्षण एवं रोजगारपरक कौशल संवर्धन कार्यक्रम आदि पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने मैथिली भाषा अनुरागी सभी लोगों से मैथिली के इस एकमात्र जीवित और जीवंत दैनिक अखबार मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश को सुगमतापूर्वक संचालित करने में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया.
मैथिली पत्र-पत्रिका की चुनौती पर हुई चर्चा
इस मौके पर मैथिली पत्र-पत्रिका के समक्ष चुनौती पर खुलकर चर्चा हुई. पूर्व पार्षद एवं इस समारोह के मुख्य अतिथि अरुण कुमार झा ने मैथिली में दैनिक अखबार के चार वर्षो से नियमित प्रकाशन हेतु अखबार एवं फोरम से जुड़े सभी लोगों की सराहना की. समारोह को संबोधित करते हुए राजकुमार मिश्रा ने आशा व्यक्त की कि मैथिली दैनिक का भविष्य सुखद और उज्जवल होगा. इस अवसर पर झारखंड मैथिली मंच के महासचिव जयंत झा ने अखबार के नियमित प्रकाशन में होने वाली आर्थिक कठिनाइयों को रेखांकित करते हुए इस दिशा में सभी को सहयोग करने की अपील की.
समारोह में मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश फोरम एवं अखबार में विशिष्ट योगदान के लिए अनेक लोगों को सम्मानित किया गया, जिसमें मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश के मैथिली समाचार बुलेटिन में समाचार पढ़ने वाले सुमित सौरभ को सर्वश्रेष्ठ समाचार एंकर का सम्मान प्रदान किया गया. इस अवसर पर कृष्णकांत झा, कुमार प्रमोद चंद्र, दीपक आनंद मलिक, वीणा झा, पूनम मिश्रा, अशोक लाल, डॉ. विनय कर्ण आदि को भी सम्मानित किया गया। इस समारोह में प्रेमनाथ झा, सुकुमार झा, शशि भूषण कंठ, सतीश कुमार मिश्रा, ब्रजकुमार झा, समीर कुमार मिश्रा, कल्पना कुमारी कर्ण, बैद्यनाथ झा, संतोष कुमार मिश्रा, प्रेमचंद झा, नरेश झा समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. समारोह का संचालन समीर कुमार मिश्रा और धन्यवाद ज्ञापन वीणा झा ने किया.
मिथिलाक्षर सीखकर लोग हो रहे हैं प्रशिक्षित: संस्थापक
मिथिलाक्षर साक्षरता अभियान के संस्थापक पंडित अजय नाथ झा शास्त्री कहते हैं कि इसकी शुरुआत नासिक से 2013 में शुरुआत हुई, जिसके तहत अब तक लाखों लोग प्रशिक्षित हो चुके हैं. मिथिलाक्षर सीखने वालों में ना केवल मिथिला क्षेत्र के 30 जिलों के लोग हैं बल्कि नेपाल सहित देश दुनिया में रह रहे विभिन्न भाषा भाषी इसमें शामिल हैं.
उन्होंने कहा कि लुप्त हो रहे मिथिला की तिरहुता लिपि को बचाने की प्रेरणा उन्हें अपने मूल गांव से मिली है. जहां पंजीकार के लिखे पत्र को हम पढ़ नहीं सकते थे,ऑनलाइन माध्यम से जारी इस अभियान में पुरुषों के अपेक्षा महिला की अधिक होने को सकारात्मक बताते हुए कहा कि इसका बड़ा लाभ मिल रहा है. आज आसानी से तीन महीने के अंदर मिथिलाक्षर सीखकर लोग प्रशिक्षित हो रहे हैं.
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