रिम्स में एमबीबीएस की 250 सीटों को एनएमसी की मंजूरी, राज्य में डॉक्टरों की कमी दूर करने की दिशा में बड़ा कदम
रिम्स में एमबीबीएस की सीटों की संख्या 180 से बढ़ाकर 250 करने के प्रस्ताव को एनएमसी ने मंजूरी दे दी है.
Published : July 15, 2026 at 5:09 PM IST
रांची:झारखंड के मेडिकल शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी है. राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान, रांची में एमबीबीएस की सीटों की संख्या 180 से बढ़ाकर 250 करने के प्रस्ताव को नेशनल मेडिकल कमिशन यानी एनएमसी ने मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही चालू शैक्षणिक सत्र से रिम्स में 250 विद्यार्थियों का दाखिला लिया जाएगा. इस फैसले से राज्य के छात्रों को मेडिकल शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे.
लगातार प्रयासों के बाद मिली मंजूरी
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने सीटें बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार और एनएमसी के समक्ष आवश्यक प्रस्ताव, अनुपालन रिपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत किए थे. विभागीय स्तर पर बढ़ी हुई सीटों के अनुरूप फैकल्टी, हॉस्टल, क्लासरूम, प्रयोगशालाओं और अन्य आधारभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई. इसी प्रक्रिया के तहत पहले एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में एमबीबीएस सीटें 100 से बढ़ाकर 150 की गईं और अब रिम्स में सीटों की संख्या 250 कर दी गई है.
स्वास्थ्य क्षेत्र में नई क्रांति की शुरुआत- मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इसे झारखंड के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने और चिकित्सा शिक्षा का विस्तार करने की दिशा में लगातार काम कर रही है. उनके मुताबिक रिम्स की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए तेजी से कदम उठाए गए हैं और आने वाले समय में संस्थान नए स्वरूप में नजर आएगा.
सरकार का फोकस गुणवत्ता और संसाधनों पर
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य झारखंड के विद्यार्थियों को राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि सीटों में वृद्धि के साथ-साथ राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी, आधुनिक उपकरण, प्रयोगशालाएं और छात्रावास जैसी सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी एमबीबीएस और पीजी सीटें बढ़ाई जाएंगी.
रिम्स प्रबंधन ने जताई खुशी
रिम्स के प्रभारी निदेशक डॉ. डीके सिन्हा ने एनएमसी की मंजूरी को संस्थान और पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय बताया. उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार, स्वास्थ्य विभाग और रिम्स प्रशासन के समन्वित प्रयासों का परिणाम है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि एनएमसी के सभी मानकों का पालन करते हुए छात्रों को बेहतर चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी.
राज्य को मिलेंगे अधिक डॉक्टर
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज और रिम्स में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ने से झारखंड के छात्रों को राज्य से बाहर जाने की जरूरत कम होगी. साथ ही आने वाले वर्षों में राज्य को अधिक संख्या में प्रशिक्षित डॉक्टर मिलेंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलेगी.
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