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देवघर श्रावणी मेला 2026: झारखंड-बिहार के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक में कई बिंदुओं पर बनी सहमति

देवघर श्रावणी मेला को लेकर अंतर्राज्यीय समीक्षात्मक बैठक हुई है. जिसमें बिहार के विभिन्न जिलों के अधिकारी भी शामिल हुए.

Inter state meeting in Deoghar
श्रावणी मेला को लेकर अंतर्राज्यीय समीक्षात्मक बैठक (देवघर) (फोटो-ईटीवी भारत)

By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : July 4, 2026 at 9:12 PM IST

देवघर: श्रावणी मेला 2026 के सफल एवं सुरक्षित आयोजन को लेकर देवघर जिला प्रशासन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. इसी क्रम में शनिवार को संथाल परगना आयुक्त संजय कुमार की अध्यक्षता में झारखंड और बिहार के अधिकारियों की अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई.

जिसमें झारखंड के देवघर, दुमका और बिहार के भागलपुर, बांका, मुंगेर, जमुई और लखीसराय के प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया. बैठक का मुख्य उद्देश्य सुल्तानगंज से देवघर तक कांवरियों को निर्बाध, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित कराना तथा दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था.

संथाल परगना के आयुक्त ने दी जानकारी

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में संथाल परगना के आयुक्त संजय कुमार ने बताया कि सुल्तानगंज से जल भरने के बाद श्रद्धालु जिन-जिन मार्गों से होकर देवघर पहुंचेंगे उन सभी स्थानों पर पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा, यातायात और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा की गई.

सूचना तंत्र को मजबूत बनाने पर जोर

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है. व्हाट्सएप ग्रुप के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा, ताकि झारखंड और बिहार के अधिकारियों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान हो सके और किसी भी स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.

कांवरिया मार्ग पर होगी विशेष व्यवस्था

आयुक्त ने कहा कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से भागलपुर, मुंगेर और बांका सहित कांवरिया मार्ग के सभी महत्वपूर्ण स्थलों पर विशेष व्यवस्था की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.

सुल्तानगंज से प्रतिदिन देवघर और दुमका को मिलेगा डेटा

बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय यह भी लिया गया कि अब सुल्तानगंज से प्रतिदिन जल उठाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या की जानकारी पहले से ही देवघर और दुमका जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाएगी. इससे भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और संसाधनों के बेहतर उपयोग में काफी सुविधा होगी. पूर्व में इस प्रकार की व्यवस्था नहीं थी.

इसके अलावा कांवरिया पथ पर यात्रा करने वाले छोटे बच्चों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके पास मोबाइल नंबर या पहचान संबंधी जानकारी रखने के लिए व्यापक जन जागरुकता अभियान चलाने पर भी सहमति बनी.

बैठक में महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बनी सहमतिः उपायुक्त

बैठक के अंत में देवघर के उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने कहा कि अंतर्राज्यीय समन्वय को लेकर सभी जिलों के बीच आवश्यक सहमति बन चुकी है. अब मेले के दौरान तय की गई व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर लागू करना प्रशासन की प्राथमिकता होगी.

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