गहलोत का आरोप, 'ध्रुवीकरण के लिए बॉर्डर इलाकों में धार्मिक स्थलों को गिरा रही है सरकार'
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पांचना बांध मामले में राज्य सरकार जातीय संघर्ष कराना चाहती है.
Published : June 21, 2026 at 5:21 PM IST
जयपुर: पाकिस्तान से सटे बाड़मेर और बीकानेर के खाजूवाला में अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई के मामले को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे भाजपा की ध्रुवीकरण की राजनीति करार दिया है. गहलोत ने कहा कि आगामी पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में चुनावी लाभ लेने के लिए मोदी सरकार ध्रुवीकरण की राजनीति के तहत चुन–चुन कर धार्मिक स्थलों को गिरा रही है.
गहलोत ने रविवार को अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पाकिस्तान से सटे बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर में आजादी से लेकर अब तक कभी भी सांप्रदायिक तनाव नहीं हुआ है, दंगे तो बहुत दूर की बात है. लेकिन केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार चुन–चुन कर अल्पसंख्यक समुदाय के धार्मिक स्थलों को गिरा रही है और लोगों को भड़का रही है, जो समझ से परे है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा का जो ध्रुवीकरण का एजेंडा है यह उसी का पार्ट है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा धर्म आधारित चुनाव जीत रही है और आगे भी पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं उसमें उन्हें जीत मिले, वोटो का ध्रुवीकरण हो इसके लिए अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर उन राज्यों में भी सियासी संदेश दिया जा रहा है. गहलोत ने कहा कि इसके अलावा और कोई कारण नहीं है कि धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जाए. गहलोत ने कहा कि एक दरगाह तो ऐसी थी, जिसकी देखभाल और रखरखाव हिंदू समुदाय के लोग ही करते थे, क्योंकि उस गांव में एक भी मुसलमान नहीं है. हिंदू समुदाय भी सरकार की इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं. प्रशासन ने उनकी भी एक बात नहीं सुनी और दरगाह को ध्वस्त कर दिया.
गहलोत ने प्रशासन पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि एसडीम, कलेक्टर, एसपी और आईजी जो भी प्रशासनिक अधिकारी है उन सब की जिम्मेदारी है कि वो बॉर्डर एरिया पर जो लोग प्यार मोहब्बत से रहते हुए आए हैं, उन्हें प्यार मोहब्बत से ही रहने दिया जाए. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन के लोग क्या चाहते हैं कि देश में माहौल खराब हो, जो कार्रवाई हो रही है वो बहुत ही खतरनाक रूप ले सकती है.
'जातीय संघर्ष कराना चाहती है सरकार':पूर्व मुख्यमंत्री ने पांचना बांध मामले को लेकर कहा कि प्रदेश में एक के बाद एक घटनाएं हो रही हैं. राजस्थान में सरकार नाम की कोई चीज नहीं बची है. पांचना बांध वाले मामले को लेकर 15 से 20 दिन गुजर गए हैं. गुर्जर समुदाय और मीणा समुदाय के पंच पटेल भी हैं जनप्रतिनिधि भी है. सरकार की ड्यूटी है कि वह उन्हें बुलाकर बात करें और कोई बीच का रास्ता निकाले. हाईकोर्ट भी बार-बार आदेश दे दे रहा है अधिकारी भी डरे हुए हैं कि हाईकोर्ट का कंटेंप्ट लग जाएगा,बात आगे नहीं बढ़ पा रही है. लोग धरने पर बैठे हुए हैं.
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पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और उनसे बात करनी चाहिए चाहे इसके लिए मंत्रियों की टीम बनाई जाए या प्रशासनिक अधिकारियों की टीम बनाई जाए और शांतिपूर्ण तरीके से कोई हल निकाला जाए. जिससे कि सबके साथ न्याय हो सके. गहलोत ने कहा कि सरकार इस मामले में सकारात्मक भूमिका नहीं निभा रही और सरकार का जो रवैया है, उससे जातीय संघर्ष होने की स्थिति पैदा हो रही है.