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चीनी सेना ने अरुणाचल में भारतीय क्षेत्र पर अतिक्रमण किया, सिविल सोसाइटी ग्रुप का दावा, कार्रवाई की मांग

अरुणाचल की नाह वेलफेयर सोसाइटी ने आरोप लगाया गया है कि चीनी सेना ने भारतीय क्षेत्र में सड़कें, पुल और मिलिट्री कैंप बना लिए हैं.

Chinese army have encroached Indian territory in Taksing says Arunachal Pradesh Civil Society group
चीनी सेना ने अरुणाचल में भारतीय क्षेत्र पर अतिक्रमण किया, सिविल सोसाइटी ग्रुप का दावा, जांच की मांग (Etv Bharat)

By ETV Bharat Hindi Team

Published : June 28, 2026 at 8:04 PM IST

तेजपुर: अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले के ताक्सिंग क्षेत्र के एक सामुदायिक संगठन ने अधिकारियों से अपील की है कि वे भारत-चीन बॉर्डर के इलाकों में चीनी पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) द्वारा किए गए कथित अतिक्रमण की जांच करें.

नाह वेलफेयर सोसाइटी (NWS) ने अपर सुबनसिरी जिले के डिप्टी कमिश्नर को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि चीनी सेना (PLA) ने भारतीय क्षेत्र में सड़कें, पुल और मिलिट्री कैंप बना लिए हैं. संगठन का कहना है कि ये निर्माण पिछले एक दशक में हुए हैं और इससे स्थानीय समुदायों की पारंपरिक चरागाह भूमि, शिकारगाहों और उनके पुश्तैनी इलाके प्रभावित हुए हैं.

नाह वेलफेयर सोसाइटी का ज्ञापन (ETV Bharat)

संगठन ने ओयिंग (असाफिला इलाका), पनियार (चुजार्ता इलाका), मारपन (मार्नाफे), पोत्रांग झील और टिंडिंगटांग (TG) को उन जगहों के तौर पर बताया है जहां उसका दावा है कि चीनी सेना ने बुनियादी ढांचे विकसित किए हैं.

अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर बनाया गया बुनियादी ढांचा (ETV Bharat)

अपने ज्ञापन में, NWS ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि वह इस मामले को उचित कार्रवाई के लिए अरुणाचल प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार को भेजे. साथ ही, बॉर्डर पर रहने वालों के हितों की रक्षा करने और उनके पुरखों की जमीन को बचाने के लिए कदम उठाने की भी मांग की है.

अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर बनाया गया बुनियादी ढांचा (ETV Bharat)

इस ज्ञापन पर नाह वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष केरू चदर (Keru Chader) के हस्ताक्षर हैं और इसमें ऐसी तस्वीरें भी दी गई हैं, जिनके बारे में संगठन ने कहा कि वे उसके दावों का समर्थन करती हैं.

फिलहाल, जिला प्रशासन, अरुणाचल प्रदेश सरकार, भारतीय सेना या रक्षा मंत्रालय ने इन आरोपों के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.

ईटीवी भारत ज्ञापन में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है.

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