इंजीनियर्स डे पर AICTE ने शुरू की तीन योजनाएं, प्रोजेक्ट प्रैक्टिस और रिसर्च इंटर्नशिप पोर्टल की हुई शुरुआत
इस पहल में 23.31 करोड़ का निवेश किया जाएगा, जिसे एआईसीटीई और उसके सहयोगी मिलकर साझा करेंगे.
Published : September 15, 2025 at 10:56 PM IST
नई दिल्ली: अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने भारत के तकनीकी शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में बदलाव लाने के उद्देश्य से तीन नई पहलों के शुभारंभ के साथ इंजीनियर्स दिवस मनाया. भारत सरकार के उच्च शिक्षा सचिव डॉ. विनीत जोशी ने एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रो. टी.जी. सीताराम की उपस्थिति में सभी एआईसीटीई अनुमोदित संस्थानों में प्रोजेक्ट फॉर एडवांसिंग क्रिटिकल थिंकिंग, इंडस्ट्री कनेक्ट एंड इंप्लॉयबिलिटी (प्रैक्टिस), एआईसीटीई रिसर्च इंटर्नशिप (एआरआई) पोर्टल, और एआईसीटीई आरएंडडी सेल व क्लाइमेट सेल का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया.
प्रोजेक्ट प्रैक्टिस एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य परियोजना-आधारित शिक्षा, लाइव उद्योग परियोजनाओं और उन्नत रोजगार योग्यता कौशल की शुरुआत करके कम शैक्षणिक परिणामों वाले 1,000 टियर-2 और टियर-3 इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थानों का विकास करना है. मेकर भवन फाउंडेशन (एमबीएफ), द्वारा समर्थित इस पहल में 23.31 करोड़ का निवेश शामिल है, जिसे एआईसीटीई और उसके सहयोगियों की तरफ से समान रूप से साझा किया जाएगा. अगले तीन वर्षों में, प्रोजेक्ट प्रैक्टिस का लक्ष्य 20 लाख छात्रों और 10,000 फैकल्टी सदस्यों को सीधे लाभान्वित करना, मजबूत उद्योग संबंध सुनिश्चित करना और देश के इंजीनियरिंग ईकोसिस्टम में नवाचार को बढ़ावा देना है.
एआई टूल्स तक मुफ्त पहुंच:इस पहल का शुभारंभ करते हुए, डॉ. विनीत जोशी ने भारत के इंजीनियरिंग स्नातकों को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में वैश्विक नेतृत्व के लिए तैयार करने के महत्व पर जोर दिया. साथ ही टियर-2 और टियर-3 कॉलेजों के छात्रों की बढ़ती क्षमता पर प्रकाश डाला. उन्होंने इन छात्रों द्वारा विकसित ड्रोन इनोवेशन के प्रदर्शन का उल्लेख किया, जिनमें से कई देश की सीमाओं की सुरक्षा में भी सक्षम हैं. उन्होंने छात्रों से एआईसीटीई द्वारा शुरू की गई हर पहल का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया चाहे वह तकनीक के क्षेत्र में हो या भाषा सीखने के क्षेत्र में. उन्होंने कहा कि छात्रों को एआईसीटीई की पहल पर चैटजीपीटी और पेरप्लेक्सिटी जैसे एआई टूल्स तक मुफ्त पहुंच मिल सकेगी. छात्रों को इसका लाभ लेना चाहिए और इससे बचने वाले समय का सही उपयेग करना चाहिए.
उद्योग-अकादमिक सहयोग को करेगा मजबूत:एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रो. टी.जी. सीताराम ने कहा कि एआईसीटीई ने हमेशा न केवल रोजगार योग्य इंजीनियरों को बल्कि नवाचार और राष्ट्र-निर्माण के लीडर्स को भी तैयार करने का प्रयास किया है. प्रोजेक्ट प्रैक्टिस, परियोजना-आधारित शिक्षा को नए सिरे से परिभाषित करेगा और उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करेगा, खासकर उन कॉलेजों में जहां इसकी आवश्यकता है. रिसर्च इंटर्नशिप पोर्टल और आरएंडडी सेल के साथ, छात्रों को सार्थक शोध के अवसर प्राप्त होंगे, जबकि संस्थानों में क्लाइमेट सेल की स्थापना पर्यावरणीय जिम्मेदारी को बढ़ावा देगी और विकास लक्ष्यों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाएगी. इस अवसर पर एआईसीटीई के उपाध्यक्ष डॉ. अभय जेरे, सदस्य सचिव प्रो. श्यामा रथ, क्रिस्प के संस्थापक एवं सीईओ आर. सुब्रह्मण्यम, सीएसआईआर-सीबीआरआई के पूर्व निदेशक प्रो. आर.के. भंडारी और अन्य वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.
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